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काला धन

काला धन

काला धन किसी भी देश और राष्ट्र के विकास में बाधक है किसी भी देश की आर्थिक व्यवस्था को खराब करता है


इसलिए तो कहते हैं





भारत को विकसित राष्ट्र हो बनाना ,काला धन को होगा मिटाना ।
भारत को सोने की चिड़िया है पुनः बनाना, देश में विदेशों से होगा काला धन लाना ।
देश के विकास को आगे बढ़ाना ,कालाबाजारी पर होगा रोक लगाना काला


“काला धन” वह धन है, वह पैसा या संपत्ति है जिसका कर नहीं चुकाया गया है जो सरकार की नजरों में नहीं है ।काला धन को लोग  विभिन्न तरीकों से छुपाते हैं। अपने  घरों में नोटों को जमा करके ,बहुमूल्य अचल वस्तुओं को खरीदकर अचल संपत्ति जैसे जमीन,मकान आदि खरीद कर ।बड़े-बड़े लोग काला धन को विदेशों के बैंकों में छुपाते हैं या देशों में संपत्ति खरीद कर काला धन को संचित करते हैं। ऐसे लोग राष्ट्र के  हितैषी नहीं होते हैं ।यह खुद सुख में रहकर पूरे देश के लोगों को दुखी करते हैं, यह अपराधी होते हैं ।काला धन देश की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ देता है अगर बाजार में नोटों की कमी आती है तो इसका प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है ।


आपराधिक गतिविधियों से भी काला धन जमा होता है जैसे:-    किडनैपिंग, फिरौती ,घोटाले, लूट आदि   इन सब कार्यों से जमा किया गया धन काला धन है इसके अलावा भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी से भी काला धन जमा होता है इसलिए तो कहते हैं:


भ्रष्टाचार है देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा ,काला धन से देश का विकास हो जाता है आधा ।
देश का विकास अगर है करना, अपराध और भ्रष्टाचार पर होगा नकेल कसना ।


जब तक हम लोग या हमारी सरकार इन सब काले धन की कारकों पर अंकुश नहीं लगाएगी इस तरह की समस्याएं होती रहेगी वर्तमान समय में देखा जाए तो काला धन एक समस्या नहीं बल्कि एक भाग बन गया है क्योंकि शायद ही कोई अमीर होगा जिसके पास काला धन नहीं है ।इसलिए भ्रष्टाचार और कालाधन पर सरकार को नकेल करना होगा।


वर्तमान सरकार ने कालेधन के रोग के लिए 500 और 1000 के नोटों को बंद किया है और 2000 और 500 के दूसरे नोटों का प्रचलन में लाया है। हमारे प्रधानमंत्री  द्वारा विगत 8 नवंबर को इसकी घोषणा की गई ।इसका उद्देश्य सिर्फ काले धन पर नियंत्रण करना नहीं बल्कि जाली नोटों का प्रचलन भी बंद करना था इस  प्रयास में पूरी सफलता पाने के लिए इसकी तैयारी भी गुप्त रखी गई थी।अब देखना है कि सरकार अपने प्रयास में कहां तक सफल होती है।







अंत में मैं काले धन पर अपनी बातों को रख रहा हूं:-


अगर काला धन वापस आएगा,
सुदेश फिर से सोने की चिड़िया  कहलायेगा ,
प्रगति की राह में बढ़ता चला जाएगा,
 सब को रोजगार मिल जाएगा,
महंगाई भी रुक जाएगी,
देश में विकास की गंगा बहा जाएगी,
अगर काला धन आएगा
तो देश फिर सोने की चिड़िया  कहलायेगा।


- रवि कुमार झा

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