ad02jan2018

सुप्रभात

सुप्रभातम

मानवीय गुणों में अच्छा,,
वक्त़ होना एक कला है।।

जो कि ईश्वर प्रदत्त है और एक स्तर तक,,
अभ्यास द्वारा सीखी भी जा सकती है।।

परन्तु अच्छा सुनना और चुप रहना,,
ये पूरी तरह से हमारे वश में है।।

कई बार स्वभावगत कमजोरियों के कारण हम,,
इनके संयम में विफल भी हो जाते हैं।।

परन्तु श्रम से इन दोनों विषयों,,
पर विजय प्राप्त कर सकते।।

अगर हम एक बार,,
मन में अटल निश्चय कर लें।।

कि हम न ही किसी की ,,
बुराई सुनेंगे और न कहेंगे।।

तो जीवन में सुख,शांति और प्रगति,,
किसी के रोकने से भी नहीं रुकेगी।।

🙏🏻।।आपका दिन शुभ और मंगलमय हो।।🙏🏻

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