ad02jan2018

कैसे जागूँ?

मैं बहुत भटक लिया बहुत सो लिया अब जागना चाहता हूँ कैसे जागूँ?


जागने के लिए पहले सोना पड़ेगा. और जो सोयेगा नहीं वह जागेगा कैसे. तो जागने के लिए पहले यह जान लेना जरूरी है की आप सोये होए हो . तभी तो जागना संभव हो सकेगा.
तो पहले यह जान ले की आप सोये होए है बहुत सालों से और इंतज़ार कर रहे हैं कुम्भकरण की तरह की कोई जगाने आएगा तो जाग जायेंगे पर तब तक सो लेता हूँ. प्रतीक्षा तुम्हे है पर जागोगे नहीं क्योंकि किसी के आने की प्रतीक्षा है की कोई आए और जगाये .
यहीं दुबिधा पैदा हो गयी है जागना तुम्हे है पर जगायेगा कोई और ऐसा कैसे हो सकता है . और अगर कोई और जगायेगा तो भी तो जागना तो तुम्हे ही है . तो उसके कहने से क्यों जग रहे हो खुद ही जग जाओ.
"जागो के सवेरा हो गय
रात का अँधेरा खो गया
मंद मंद पंछी मुस्का रहे है
ची ची चहचहा रहे है
जागो के सूरज आन खड़ा है
हर इक पल रौशनी भरा है
मंतर मुग्ध हो जाओ
प्रेम वेला में खो जाओ
बस विसर्जित हो जाओ
शुन्य सिर्फ शुन्य हो जाओ "




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