ad02jan2018

सुप्रभातम

🌺।।सुप्रभातम।।🌺

हमारे जीवन की वास्तविक महत्ता और,
सफलता उसकी आत्मिक प्रगति पर निर्भर है।

भौतिक सफलतायें उतनी देर ही आनन्द देती हैं,
जब तक कि उनकी प्राप्ति न हो जाये।

जैसे ही वह हासिल हुई कि,
उनका आनन्द समाप्त हुआ।

सच्चा और चिरस्थायी सुख और लाभ,
आत्मिक प्रगति पर ही अवलम्बित है।

अगर हम मानव-जीवन का,
श्रेष्ठतम सदुपयोग करना चाहते हैं।

और जिस आनन्द के लिए,
यह जन्म मिला है उसे पाना चाहते हैं तो।

आत्मिक प्रगति के लिए तत्पर,
होना चाहिए और उसके दोनों आधारों।

उपासना और साधना का,
अवलंबन ग्रहण करना चाहिए।

🙏🏻आपका दिन शुभ और मंगलमय हो🙏🏻

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